नैनों के पोखर Nainon ke Pokhar Hindi Lyrics | Laali ki shaadi mein ladduu Deewana

Nainon ke Pokhar Hindi Lyrics | Laali ki shaadi mein ladduu Deewana

Song – Naino Ke Pokhar
Music – Vipin Patwa
Singers – Mohd Irffan & Vipin Patwa
Lyricist – Dr. Sagar

Full Hindi Lyrics

उलझी सी एक डोर है कोई
ख़ामोशी में शोर है कोई
किसको ये बतलाये
क्या दिल पूछे अब मेरा

पलकों के झरने से
क्यों फूटते हैं
नैंनों के पोखर
क्यों सूखते हैं

अश्कों में सपने
बह जाते हैं क्यों
वादे अधूरे
रह जाते हैं क्यों

क्यों होता है
एहसास खोने का
क्यों होता है
मैं जानू न

क्यों होता है
गम किसी के खोने का
क्यों होता है
मैं जानू न

साँसे बेगानी हो गयी है
धड़कन परायी सी लगे

सारी फिजाओं में यहाँ घुल
कोई रुसवाई सी लगे

ख्वाबों के मोती
क्यों टूटते हैं
खुशियों के मौसम
क्यों रुठते हैं
बिन बोले नैना
कह जाते हैं क्यों
अल्फाज़ होटों पपे
रह जाते हैं क्यों

क्यों होता है एहसास खोने का
क्यों होता है मैं जानू न
क्यों होता है…
गम किसी के खूने का
क्यों होता है…

उलझी सी एक डोर है कोई
ख़ामोशी में शोर है कोई
किसको ये बतलाये
क्या दिल पूछे अब मेरा

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