मन बेकैद हुआ Man Beqaid Hua Hindi Lyrics | Anarkali Of Aarah | Sonu Nigam

Man Beqaid Hua | Anarkali Of Aarah

Song : Man Beqaid Hua
Singers: Sonu Nigam
Song Lyricists: Prashant Ingole
Director: Avinash Das
Music Label: Zee Music Company

Full Hindi Lyrics

मिटटी जिस्म की गीली हो चली
मिटटी जिस्म की..
खुशबु इसकी रूह तक घुली
खुशबु इसकी…

इक लम्हा बनके आया है
सब ज़ख्मों का वैध
मन बेकैद हुआ..मन बेकैद
मन बेकैद हुआ..मन बेकैद

रफ्ता रफ्ता मुश्किलें
अपने आप खो रही
इत्मीनान से कशमकश कहीं जाके सो रही
दस्तक देने लगी हवा अब चट्टानों पे…
जिंदा है तो किसका बस है अरमानों पे…
कोई सेहरा बांधे आया है, सद ज़ख्मों का वैध
मन बेकैद हुआ..मन बेकैद
मन बेकैद हुआ..मन बेकैद

अब तलक जो थे दबें…राज़ वो खुल रहें…
दरमियाँ के फासले, इक रंग में घुल रहे ..
दो साँसों से जली जो लौ अब वो काफी है
मेरी भीतर कुछ न रहा पर तू बाकी है
ईक कतरा बनके आया है, सद ज़ख्मों का वैध
मन बेकैद हुआ..मन बेकैद
मन बेकैद हुआ..मन बेकैद

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